शिक्षा परिदर्शन परिष्कार कॉलेज ऑफ ग्लोबल एक्सीलेंस के शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों द्वारा संचालित ब्लॉग है , जिसमें शैक्षिक नवाचार , शैक्षिक समस्या , शिक्षण विधियों - प्रविधियों की उपयोगिता पर सभी अपने विचार साझा करते हैं ।
Sunday, 24 January 2021
गणतंत्र दिवस पर कविता शायरी स्टेटस
Sunday, 13 December 2020
भारत में मीडिया की वर्तमान माली हालत
नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से हार्दिक स्वागत है आप सभी का हमारे ब्लॉग शिक्षा परिदर्शन पर
आज हम आपको हमारी इस कविता के माध्यम से वर्तमान में भारत में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाली मीडिया की हालत के बारे में बयां करने जा रहे हैं
सुनियोजित कोलाहल को वाद विवाद का नाम जो देते
स्टूडियो में नेताजी को लड़ने का यह काम जो देते
अमीरों के कुत्ते भी मर जाए तो बीस मिनट दिखाते हैं
गरीब की हत्या भी हो जाए तो रेत में सिर छुपाते हैं
सत्ता की अन्याय पर तो होता कोई बवाल नहीं
शोषित का सिर पचाते हैं और शोषक से कोई सवाल नहीं
वस्तुनिष्ठता त्यागकर दलाल बने बैठे हैं ये
रक्षक की भूमिका थी और काल बने बैठे हैं ये
बाड़ खेत को खा रही, लोकतंत्र है मझधार में
पत्रकार,प्रवक्ता बन गए, सत्ता के गलियारों के प्यार में
युवाओं के हाथ कट गए और अर्थव्यवस्था बीमार
जिनको आलोचक होना था वे अब शासन के यार है
पुलवामा की जांच का सवाल अब तक उठा न पाए
सत्ता में बैठे तथाकथित हरिश्चंद्रों के बयान अभी तक झूठा न पाए
शिक्षा से लेना देना नहीं, सांप्रदायिकता का माहौल है
जनता के मुद्दों पर भी ये करते टाल मटोल हैं
धर्म और वर्ण के तिल का ये ताड़ बनाकर देते हैं
भाईचारे के स्थलों को उजाड़ बनाकर देते हैं
जनता पर गर्म तेल छिड़ककर नेताजी से घी पायेगा
यही चिंता सता रही तिपहिया लोकतंत्र कैसे जी पाएगा
धन्यवाद
जय हिंद,जय भारत
Monday, 30 November 2020
विश्व एड्स दिवस पर एड्स के बारे में कविता(World Aids Day)
नमस्कार दोस्तों
स्वागत है आप सभी का आपके अपने ब्लॉग शिक्षा परिदर्शन पर, दोस्तों आज हम सभी जानलेवा एवं उपचार ना होने योग्य बीमारी एड्स के बारे में बात करने जा रहे हैं, जैसा कि आप सभी को पता है कि 1 दिसंबर को प्रतिवर्ष एड्स दिवस मनाया जाता है , इसके अलावा एचआईवी एड्स को कंट्रोल करने के लिए हर एक राज्य में स्टेट ऐड्स कंट्रोल सोसायटी तथा राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ऐड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना की गई है। एड्स के बारे में संपूर्ण जानकारी टोल फ्री नंबर 1097 पर प्राप्त की जा सकती है। एचआईवी एड्स पॉजिटिव व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए सन् 1988 से विश्व एड्स दिवस मनाने का कार्यक्रम शुरू किया गया, इसके अलावा एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए महाविद्यालयों में रेड रिबन क्लब की स्थापना भी की गई है
इसके संबंध में एक कविता प्रस्तुत है-
Monday, 19 October 2020
Psychology QUIZ
नमस्कार दोस्तों
एक बार फिर से आप सभी का हार्दिक स्वागत है शिक्षा को समर्पित ब्लॉग शिक्षा परिदर्शन पर
आज हम यहां मनोविज्ञान से संबंधित कुछ चुनिंदा प्रश्न पेश कर रहे हैं आशा है कि ये आप की तैयारी में सहायक होंगे।
आप सभी कमेंट के माध्यम से अपना उत्तर हम तक साझा करें, और अपना स्कोर बताना ना भूले।
धन्यवाद
CORRECT ANSWERS ARE
C, A, B,C, A
जय हिंद जय भारत
प्रस्तुत है - RAJENDRA INDIAN
Friday, 4 September 2020
शिक्षक दिवस स्पेशल
नमस्कार दोस्तों
एक बार फिर से शिक्षा परिदर्शन में आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।
आज यहां शिक्षक दिवस 5 सितंबर 2020 के अवसर पर सभी आदरणीय शिक्षकों के लिए एक कविता प्रस्तुत है-
परहित कार्य करने का उनका नायाब तरीका है
स्वार्थ से मुक्ति कैसे हो, यह तो उन से ही सीखा है
गुरु-गाथा से उपजा है यह देश के प्रति प्यार भी
गुरु के आंगन (विद्यालय) में ही सीखा सामाजिक व्यवहार भी
अज्ञान के प्रतिषेध में तो वे हमारे नायक हैं
शिक्षा के उज्ज्वल गायन में फिर वे ही सबसे बेहतर गायक हैं
विद्या के विद्युत परिपथ में, गुरु शक्तिप्रदायक है
गलतियों से दूर करके बनाते वे ही लायक हैं
हो पीठ पर हाथ गुरु का, सारा जहाँ जीत जाएं
गुरु की महिमा वर्णन में लगता है शब्द बीत जाएं
भवसागर की बाधाओं से कैसे पार निकलना है
गुरु के निर्देशों से सीखा गिरना और संभलना है
राष्ट्र निर्माण का कार्यभार भी गुरु के हाथों में रहता है
गुरु से बढ़कर कोई नहीं है जनजीवन यह कहता है
डूबती नौका मझधार से सदा गुरुजी खींचते
बालक रूपी पौधे को वे ज्ञान के जल से सींचते
तकनीकी के इस युग में भी गुरु का कोई सानी नहीं
एक नजर से देखते सबको, करते कोई मनमानी नहीं
मेरा तो यह कहना है कि जीवनभर शीश झुकाऊंगा
कर्ज़ नहीं चुका सकता पर फर्ज जरूर निभाऊंगा
Rajendra Indian
जय हिंद जय भारत
Friday, 14 August 2020
भारतीय सेना और सैनिक परिवारों के प्रति हमारे कर्तव्य
यह पंक्तियां भारतीय सैनिक के दर्शन को बताती हैं
भारत की सेवा का अपना यह मजबूत इरादा है
शीश नहीं झुकने दूंगा यह मेरा पक्का वादा है
सेना के प्रति मेरे मन में इज्जत खुद से ज्यादा है
मातृभूमि की रक्षा करना ही मेरी मर्यादा है
यह पंक्तियां घर से जाते समय सैनिक द्वारा अपने परिवार के साथ किए गए संवाद को व्यक्त करती हैं
देश को जरूरत है मेरी मैं रणभूमि में जाता हूँ
कायरता से दूर रहूंगा कसम आपकी खाता हूँ
देश के प्यार के आगे हम यह भौतिक प्यार गिरा देंगे
मौत राह में आ गई तो मौत को मार गिरा देंगे
यह पंक्तियां सैनिक के शहीद होने पर उसके संबंधियों की स्थिति के बारे में वर्णन करती हैं
देश का बेटा चला गया तब ही तो मातम छाया है
आया तो परसों ही है पर संग में तिरंगा लाया है
देशभक्तों के मन में अब जोरदार दी दस्तक है
कर्तव्यपरायणता से देवलोक नतमस्तक हैं
कहीं-कहीं बूढ़ी मां का इकलौता सहारा चला गया
सुनकर बेहोश हुई बहनें कि भाई हमारा चला गया
हर नैन को नीर से युक्त किया,बने हुए इस हाल ने
बोले पिताजी गर्व का काम किया है मेरे लाल ने
मेहंदी हाथों से ना छूटी और सुहाग किसी का चला गया
शादी से पहले ही जीवन का भाग किसी का चला गया
यह पंक्तियाँ भारत के सैनिक की महानता के बारे में बताती हैं
इतने पर जिसका खून ना खोले वह इंसान नहीं होगा
बड़े से बड़ा अरबपति भी सेना से महान नहीं होगा
हार्मोन बदले उसके भी उसमें भी जवानी थी
इन सब भटकाओं से ऊपर वतन की सेवा ठानी थी
यह पंक्तियां भारतीय सैनिकों के परिवारों के प्रति हमारे कर्तव्यों के बारे में बताती हैं
जिनका कोई नहीं रहा कभी कुशलक्षेम तो जाना करो
शहीद हुआ बेटा जिसका उस मां को तो पहचाना करो
रक्षक की संतानों को रक्षा का कंबल दिया करो
जब कोई विपत्ति आए तो तुम जाकर संभल दिया करो
रक्षाबंधन पर कलाई उस बहन को भी दिया करो
जो देश की रक्षा कर गए उनके परिवारों की तो रक्षा किया करो
सीमा से फौजी आए तो हाथ जोड़ अभिनंदन हो
ईश्वर की स्तुति संग अब शहीदों का भी वंदन हो
मनोरंजन की छोड़ किताबें शौर्य गाथा पढ़ा करो
जो राजनीति शहादत पर करते आज दुकानें बंद हो
आज सुरक्षित देश है तो कल का भी प्रबंध हो
जय हिंद जय भारत जय भारतीय वीर जय भारतीय सेना
Tuesday, 11 August 2020
स्वतंत्रता दिवस स्पेशल
यह कविता पूर्णतया मेरे द्वारा लिखित है इसमें भारत की गुलामी से लेकर आजादी तक के कांटो से भरे मार्ग का साधारण शैली में वर्णन किया गया है तथा आजादी के बाद देश की मुख्य समस्याओं का भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है
भाग-1
शीर्षक: गुलामी से आजादी तक
सोने की चिड़िया को उन व्यापारियों ने लूटा था
घर में भेदी बैठे थे भारत का कुनबा टूटा था
अपनों के कर कमलों से ही अपनों को मरवाया था
आपस के ही बैर भाव से घमासान करवाया था
मेरठ से लेकर झांसी तक
दिल्ली से लेकर काशी तक
सन् सत्तावन में बिगुल बजा
भारत मां की आजादी का तब ही स्वर्णिम स्वप्न सजा
स्वाभिमान था लाजवाब वे भारत मां की सेवी थी
झांसी वाली रानी जी तो साक्षात् ही देवी थी
कुछ अंगुलियां विकलांग थी बैठी कैसे जंग जीती जाती
सब ने साथ दिया होता यह धरती थपेड़े ना
खाती
मार्ले मिंटो अधिनियम ने धर्म नाम पर बांटा था
भारत की राहों में अब तक सबसे तीखा कांटा था
मानगढ़ से करुणामयी चित्कारें अब भी सता रही
वनवासी को मारा था पहाड़ी रो रो कर बता रही
वंदन की उपजाऊ भूमि कैसे बंजर हो गई
सुसज्जित भारत माता एक अस्थिपंजर हो गई
जालिम जनरल डायर ने जलियांवाला में घाव किए
सोए शेरों के सिर फोड़े, खूनों से लथपथ पावं किए
व्याकुल मन तब रो उठे ह्रदय में गहरे तीर हुए
डायर से बदला चुकता किया यहां ऊधम सिंह से वीर हुए
वतन की खातिर फांसी खायी यह भगत सिंह का देश है
राजगुरु, सुखदेव जी भी हद से ज्यादा विशेष हैं
कथनी करनी में समानता से जगत में ऊंचा नाम किया
देश की सेवा में बापू ने अपना पूरा काम किया
सारी रस्में पूर्ण हुई अब नवजीवन की तैयारी थी
थक गए अंग्रेज भी अब भारत छोड़ो की बारी थी
नाम न जिनका हुआ उजागर असंख्य बलिदान थे
कोने कोने में लड़ने वाले मेरे देश के वीर जवान थे
सांप्रदायिक विभाजन की कुरीति यहां छोड़ गए
चले गए फिर गोरे तो फिर भारत टुकड़ों में तोड़ गए
14 अगस्त की मध्य रात्रि हर आंख में आंसू थे
एक बार फिर से लड़ाया इतने रक्त पिपासु थे
वे (स्वतंत्रता सेनानी) कितने दिनों ना सोए थे
वे खून के आंसू रोए थे
उन वीरों ने धरती मां की जंजीरों को तोड़ा था
टुकड़े-टुकड़े भारत को सरदार जी ने जोड़ा था
भाग-2
शीर्षक:- व्यथा नवीन भारत की
नवयुवकों को काम नहीं
अन्नदाता को दाम नहीं
जादू शीतल सा लगता है युवा भारत के खून का
गला घोंट दिया जाता है गरीब के जुनून का
हत्या की कोई जांच न होती महीनों तक और वर्ष तक
यौन शोषण पीड़ा देता हृदय के स्पर्श तक
देश को खोखला करने के कितने मजबूत इरादे हैं
आपस में कीच उछाल कर नेताजी करते वादे हैं
व्हाट्सएप के वीर लड़ाई स्टेटस पर लड़ते हैं
शौर्य गाथा कौन पढ़े मजाक वतन का पढ़ते हैं
फेसबुक पर नकली चेहरे समय गुजारने का जरिया
विपदाओं के बीच भारत कैसे पार करें दरिया
74 वें स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाओं सहित
