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Saturday, 9 May 2020

बहनों के लिए कविता (A poem for sisters)

भूगोल से खगोल तक बहनों ने नाम कमाया है
बहनों के तेज़ प्रताप से भाग्य भी ज़रा सरमाया है
जिस भाई के बहन नहीं,उसका जीवन एक रोना है
भाई - बहन के संबंध को दिल से मानें तो  सोना है
पवित्रता का अद्वितीय परिचायक त्योहार यह रक्षाबंधन है
बहन बिना भाई का जीवन सदा रहा क्रन्दन है
जिस घर बहन नहीं है उस घर देवों का प्रवेश नहीं
बहन उपस्थित हो जाए तो कोई खूबी शेष नहीं
मध्यकाल में बहनों को अंधविश्वासों ने जकड़ा था
असीम प्रतिभा के सागर को कुप्रथाओं ने पकड़ा था
धीरे -धीरे फिर से उनकी शिक्षा की शुरुआत हुई
सबसे अव्वल आई बहनें बड़ी खुशी की बात हुई
मन में जब ठानी तो उन्होंने ज्ञान और कौशल का पता दिया
अवसर मिलते ही बहनों ने मुहं पर दुनिया को बता दिया
संस्कार और संस्कृति को गांव - गांव ले जाती है
सारी दुनिया को, सभ्यता का वो पैगाम सुनाती है
समय रहते समझकर बहनों का गुणगान करो
मानव रथ के इस भाग का तन - मन से सम्मान करो
दूध से उज्ज्वल मूल्यों में ना पाश्चात्य की दुर्गंध करो
अपनी हो या हो परायी शिक्षा का प्रबंध करो

Friday, 26 July 2019

वीरता, शौर्य, बलिदान और देशभक्ति की प्रतिमान भारतीय सेना के बारे में कविता

  नमस्कार ब्लॉगर परिवार
कारगिल विजय दिवस के 20 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय वीरों की वीरता को सलाम और ऐसे वीरों को जन्म देने वाली मातृभूमि और उनके माता-पिताओं को प्रणाम

 इस अवसर पर मैं मां भारती के सभी सपूतों को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं

  आज भारतीय सेना के लिए कुछ स्वरचित पंक्तियां प्रस्तुत है-



ना प्रसिद्धि की  मृगतृष्णा है,ना भौतिकवादिता से लेना देना हैं
स्वतंत्रता की सच्ची प्रहरी भारतीय सेना हैं
एक बार निकल जो पड़े तो फिर आपको कौन रोकता है
आपके खून के उबाल को हर मौसम सलाम ठोकता है
भारतीयों को सुख की नींद सुलाने के लिए आप सदा-सदा सो जाते हो
मातृभूमि की रक्षा के लिए असीम संसार में खो जाते हो,
आसान नहीं है राह आपकी कदम कदम पर शूल है
तिरंगा ना झुके इसके लिए प्राणों की बाजी भी आपको क़ुबूल है
पता नहीं कब रक्षा का बंधन टूट जाए
पता नहीं कब उस साहसी महिला का चूड़ा फूट जाए
हमला एक हुआ तो मां-बाप की सांसे रुक जाती हैं
लेकिन अमर हो जाते हो आप और सम्मान में सारी जनता झुक जाती है
कभी गीत हो आप,कभी वंदन बन जाते हो
कभी वीर हो आप तो कभी अभिनंदन बन जाते हो
काश हर भारतीय में आप जैसा खून बहे
काश हर युवा में मातृभूमि सेवा का आप जैसा जुनून रहे
तो फिर क्या दम है कुछ दानवों की जो पुलवामा जैसा नरसंहार करें
घर में गद्दार ना हो तो भेड़ियों की क्या औकात जो सोए शेरों पर वार करे
'भारतीय' आप की जाति है और 'मानवता' धर्म है
वतन आबाद रहे यही प्रयत्न आपका कर्म है

जय हिंद जय भारत जय भारतीय वीर जय भारतीय सेना

धन्यवाद ब्लॉगर परिवार