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Sunday, 24 May 2020

कहानी गुदड़ी के लाल की....

ईंटों का वजन बढ़ाता गया,दुनिया का बोझ चढ़ाता गया
सुखद सवेरे की आशा में,मजदूर बाप बेटे को पढ़ाता गया
बेटे के खातिर पिताजी,जग की ठोकरें खाते रहे
अपना भी दिन आएगा ,ये खुद से खुद को बताते रहे
आस्था के बीज उन्होंने जन्मदिवस से बोयें थे
आसमान छूने वाले,स्वप्न उन्होंने संजोयें थे
हुई मानसिक वृद्धि संग में अक्षर का भी ज्ञान हुआ
अब यूँ लगने लगा पिता का सपना ज़रा नादान हुआ
जमीन बेचने सी शिद्दत थी,चाहत पूरी करने को
अरमानों में रंग भरने को,तैयार पिता थे मरने को
जोरदार मेहनत से बेटा आया अव्वल शिक्षा में
घर में था जो खा लिया,बाहर गया नहीं भिक्षा को
तब से आगे बढ़ता गया
वह सफल सीढ़ियां चढ़ता गया
इरादा अपना नेक किया
दिन रात फिर एक किया
बाधाओं से रूका नहीं
वह तूफानों से झुका नहीं
कुछ दिन बीते ही थे ,फिर तो खबर छपी अखबारों में
बाढ़ खुशी की आ गई रिश्तों में,परिवारों में
कोई बात नहीं करता है अब उस पारिस्थितिक बेहाल की
इति श्री ये हुई कहानी,गुदड़ी के लाल की

Wednesday, 13 May 2020

हमारी शिक्षा व्यवस्था कैसी हो (Hamari shiksha vyavstha kaisi ho)


प्यासे को नीर पिलायें हम
भूखे को अन्न खिलायें हम
निर्धन को वस्त्र दिलायें हम
ऐसी हो शिक्षा प्रणाली
ज्ञान से भरे भारत की थाली
समाज से हो समायोजन
मिल बांटकर खाए हम भोजन
कौशलयुक्त बने यह शिक्षा
शिक्षित युवक ना मांगें भिक्षा
जान से भी ज्यादा हमको इस वतन से प्यार रहे
भारत माँ की सेवा को हम सदा - सदा तैयार रहें
सांप्रदायिकता का नाम ना हो
भेदभाव का का काम ना हो
शिक्षा में हो बालक मध्यवर्ती
अमन चैन बांटें ये धरती
ताकि भारत पढ़ता जाए
भाईचारा बढ़ता जाए
मूल्यों में सबसे अव्वल आए , भारत का भी नाम बढ़े
भारत की शिक्षा प्रणाली श्री अटल और श्री कलाम गढ़े
स्मृति पर रुक ना जाए
चिंतन स्तर तक दौड़ लगाए
बोझ ना बने बस्ते हमारे, शिक्षा भी व्यवहार की हो
सौम्य वातावरण में शिक्षा सृजन और आपसी प्यार की हो
 

Wednesday, 18 December 2019

विद्यार्थियों के लिए परीक्षा संबंधी प्रेरणादायक कविता( Motivational Poem)

नमस्कार ब्लॉगर परिवार
आज आपके सामने मैं फिर से परीक्षाओं से संबंधित एक प्रेरणा युक्त स्वरचित कविता लेकर प्रस्तुत हूँ -
Motivational lines-



पहाड़ो को चीर सकते हो यदि तुम ठान लो तो
जंग यह जीत सकते हो, खुद को पहचान लो तो
क्यों यह मान लिया तुमने कि शिक्षा एक मजबूरी है
लड़ाई खुद की खुद से है, जीतना बहुत जरूरी है
रुककर बीच राहों में हाथ ना मलते रहना
कांटे आए या चट्टाने सावधानी से चलते रहना
बहुत होंगे गिराने वाले, तुम आगे बढ़ने का कारण देखो ना
अनमोल है जिंदगी की गेंदे इन्हें व्यर्थ में ना फेंको ना
आसमान छूने वालों को तूफान कभी रोक नहीं पाया है
जो रोज रोता है हालातों को, जान वो झोंक नहीं पाया है
अगर घमंड है किसी को तो हम तोड़ भी सकते हैं
दृढ़ निश्चय कर लिया तो दिशाएं मोड भी सकते हैं
अच्छी करो पढ़ाई तुमको अच्छे नंबर लाना है
अपनी मेहनत से तुमको अब सबका मान बढ़ाना है
जो बन न पाया आज तक,वह इतिहास बनाना है
जान लो,पहचान लो,तुम ठान लो अबके अव्वल आना है
यत्न कुछ यूं करो कि तुम एक अच्छे इंसान बनो
कर्म बड़े करो तुम और देश की शान बनो
जीत का जज्बा हार के डर से ज्यादा रखना है
पश्चिमी हवाओं में नहीं बहना, देश की मर्यादा रखना है

धन्यवाद ब्लॉगर परिवार
आपका शुभेच्छु
Rajendra Indian
जय हिंद जय भारत जय भारतीय वीर जय भारतीय सेना