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Monday, 11 May 2020

विज्ञान : वरदान या अभिशाप (Science : boon or curse )


यूँ तो मानो तकनीकी से हमने तारे तोड़ लिए
अंतरिक्ष में खूब उपग्रह सब देशों ने छोड़ लिए
स्वास्थ्य के क्षेत्र में कितना उत्थान किया हमने
समुद्रों की शुद्धि से उनका जलपान किया हमने
प्रसिद्ध हुए वैज्ञानिक और सब देशों की शान बनें
लाखों मील की दूरी नापे ऐसे वायुयान बने
अज्ञानता से दूर हुए हम,रही ना कोई भ्रांति
संचार की कछुआ चाल में सहसा आई क्रांति
विद्युत सी उपलब्धि ने जीवन को सरल बनाया है
पहाड़ सी ठोस समस्या को हमने अब तरल बनाया है
विज्ञान ही सर्वेसर्वा है लगता यह दावा झूठा है
ओजोन सदृश परत का पेट आज क्यों फूटा है
मजदूरों के हाथ काट दिए वैज्ञानिक मशीनों ने
भारी विपदा झेली है जल ,जंगल ,जमीन इन तीनों ने
परमाणु हथियारों से अब सारा जग भयभीत है
तकनीकी ने दुर्बलों पर हासिल की कैसी जीत है
कोरोना सा कोहराम ये विश्वपटल पर छाता क्यों
घोर संकट की सुनकर कहानी आंखों से खून जो आता क्यों
यूँ लगता खुद के लिए काल कलेवा सजा रहा
बढता हुआ प्रदूषण जो खतरे की घंटी बजा रहा