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Thursday, 28 May 2020

यार बदल देता है यह और प्यार बदल देता है यह....

अपनों को दूर करा देता है,पता नहीं यह कैसा है
इसका नाम बता देता हूँ,यह ही रूपया-पैसा है
इसमें क्षमता कितनी मारक
गरीब,अमीर का यह निर्धारक
न्यायालय में जाकर भी यह बदलाव वचन में कर देता
मन के मन्दिर में भी यह विष की धारा को भर देता
इसके बदले दुनिया ने तो हर वस्तु का तोल किया
कैसी शक्ति है ये जिसने मानव का भी मोल किया
आहार बदल देता है यह,व्यवहार बदल देता है यह
यार बदल देता है यह और प्यार बदल देता है यह
पैसा ही तो है यह जिसने मकान,झोंपड़े छांटे हैं
दु:खद रहा यह सुनना कि औरों के पतंग भी काटें हैं
घर में पैसा चलता है,दफ्तर में पैसा चलता है
रिश्तों में पैसा चलता है,किस्तों में पैसा चलता है
ज्ञान भी मिलता पैसें से,विज्ञान भी मिलता पैसें से
अब ध्यान भी मिलता पैसें से,म्यान भी मिलता पैसे से
सर्वेसर्वा पैसा बन गया,मूल्यों की बर्बादी हुई
दुनिया सारी बदल गई,क्योंकि वो इसकी आदि हुई
पैसों से ही पहुँच गए जो घर से निकल विदेशों में
हत्या आपस में करवा देते हैं माँ-बेटे भी पैसों में